कक्षा 10 विज्ञान ,पाठ 10 प्रकाश परावर्तन तथा अपवर्तन इन हिन्दी (way2pathshala)

 

कक्षा 10 विज्ञान ,पाठ 10  प्रकाश परावर्तन तथा अपवर्तन इन हिन्दी  (Light Reflection and Refraction in Hindi)


कक्षा (Class) :-10

विषय(Subject):- विज्ञान (Science)

पाठ Chapter):- 10

पाठ नाम(Chapter name):- प्रकाश परावर्तन तथा अपवर्तन 

कक्षा 10 विज्ञान ,पाठ 10  प्रकाश परावर्तन तथा अपवर्तन इन हिन्दी  (way2pathshala)


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 प्रश्न-1 निम्न में से कौन-सा पदार्थ लेंस बनाने के लिए प्रयुक्त नहीं किया जा सकता है?

  1. जल
  2. काँच
  3. प्लास्टिक
  4.  मिट्टी

 उत्तर-

  1. जल
  2. काँच
  3. प्लास्टिक
  4.  मिट्टी


  प्रश्न-2 किसी बिंब का अवतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब आभासी, सीधा तथा बिंब से बड़ा पाया गया। वस्तु की स्थिति कहाँ होनी चाहिए?

  1. मुख्य फोकस तथा वक्रता केंद्र के बीच
  2. वक्रता केंद्र पर
  3. वक्रता केंद्र से परे
  4. दर्पण के ध्रुव तथा मुख्य फोकस के बीच

उत्तर-  

  1. मुख्य फोकस तथा वक्रता केंद्र के बीच
  2. वक्रता केंद्र पर
  3. वक्रता केंद्र से परे
  4. दर्पण के ध्रुव तथा मुख्य फोकस के बीच


  प्रश्न 3. किसी बिंब का वास्तविक तथा समान साइज़ का प्रतिबिंब प्राप्त करने के लिए बिंब को उत्तल लेंस के सामने कहाँ रखें?

  1. लेंस के मुख्य फोकस पर
  2. फोकस दूरी की दोगुनी दूरी पर
  3. अनंत पर ।
  4. लेंस के प्रकाशिक केंद्र तथा मुख्य फोकस के बीच

उत्तर-  

  1. लेंस के मुख्य फोकस पर
  2. फोकस दूरी की दोगुनी दूरी पर
  3. अनंत पर ।
  4. लेंस के प्रकाशिक केंद्र तथा मुख्य फोकस के बीच


  प्रश्न 4. किसी गोलीय दर्पण तथा किसी पतले गोलीय लेंस दोनों की फोकस दूरियाँ -15cm हैं। दर्पण तथा लेंस संभवतः हैं-

  1. दोनों अवतल
  2. दोनों उत्तल
  3. दर्पण अवतल तथा लेंस उत्तल
  4. दर्पण उत्तल तथा लेंस अवतल

उत्तर-

  1. दोनों अवतल
  2. दोनों उत्तल
  3. दर्पण अवतल तथा लेंस उत्तल
  4. दर्पण उत्तल तथा लेंस अवतल


प्रश्न 5. किसी दर्पण से आप चाहे कितनी ही दूरी पर खड़े हों, आपका प्रतिबिंब सदैव सीधा प्रतीत होता है। संभवतः दर्पण है-

  1. केवल समतल
  2. केवल अवतल
  3. केवल उत्तल ।
  4. या तो समतल अथवा उत्तल 

उत्तर-

  1. केवल समतल
  2. केवल अवतल
  3. केवल उत्तल ।
  4. या तो समतल अथवा उत्तल 


 प्रश्न 6. किसी शब्दकोश में पाए गए छोटे अक्षरों को पढ़ते समय आप निम्न में से कौन-सा लेंस पसंद करेंगे?

  1. 50 cm फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस
  2. 50 cm फोकस दूरी का एक अवतल लेंस
  3. 5 cm फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस
  4. 5 cm फोकस दूरी का एक अवतल लेंस


उत्तर-

  1. 50 cm फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस
  2. 50 cm फोकस दूरी का एक अवतल लेंस
  3. 5 cm फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस
  4. 5 cm फोकस दूरी का एक अवतल लेंस

  प्रश्न 7. 15 cm फोकस  दूरी के एक अवतल दर्पण का उपयोग करके हम किसी बिंब का सीधा प्रतिबिंब बनाना चाहते हैं। बिंब का दर्पण से दूरी का परिसर (range) क्या होना चाहिए? प्रतिबिंब की प्रकृति कैसी है? प्रतिबिंब बिंब से बड़ा है अथवा छोटा? इस स्थिति में प्रतिबिंब बनने का एक किरण आरेख बनाइए।

उत्तर-बिंब का दर्पण से दूरी का परिसर 0 cm से 15 cm के बीच होना चाहिए, क्योंकि जब बिंब दर्पण के ध्रुव P तथा मुख्य फोकस F के बीच स्थित होता है, तभी उसका सीधा प्रतिबिंब बनता है।

किरण आरेख-

Science notes class 10 in hindi


प्रतिबिंब की प्रकृति- आभासी तथा सीधा, प्रतिबिंब का साइज़ बिंब से बड़ा है।

  प्रश्न 8. निम्न स्थितियों में प्रयुक्त दर्पण का प्रकार बताइए-

अपने उत्तर की कारण सहित पुष्टि कीजिए।

(a) किसी कार का अग्र-दीप (हैड-लाइट)


उत्तर-

way2pathshala


कार की हैडलाइटों में अवतल दर्पण का प्रयोग किया जाता है। बल्ब दर्पण के मुख्य फोकस पर रख दिया जाता है ताकि प्रकाश की किरणें दर्पण से परावर्तन के बाद उसके मुख्य अक्ष के समांतर हो जाएँ तथा प्रकाश का सीधा और शक्तिशाली किरण पुंज मिले।


(b) किसी वाहन का पार्श्व/ पश्च दृश्य दर्पण

उत्तर- किसी वाहन के पार्श्व/ पश्च-दृश्य दर्पण के लिए उत्तल दर्पण का प्रयोग किया जाता है क्योंकि ये सदैव छोटा परंतु सीधा प्रतिबिंब बनाते हैं। बाहर की ओर वक्री होने के कारण इनका दृष्टि क्षेत्र भी ज्यादा होता है, जिसके कारण ड्राइवर पीछे के बहुत बड़े क्षेत्र को देखने में समर्थ होता है।


(c) सौर भट्टी


उत्तर- सौर भट्टी में सूर्य के प्रकाश को केंद्रित करने के लिए बड़े अवतल दर्पणों का उपयोग किया जाता है। आपतित सूर्य की किरणें अनंत दूरी से आने वाली समांतर किरणें होती हैं जो अवतल दर्पण से परावर्तित होकर इसके फोकस बिंदु पर फोकसित होती हैं, जिससे ताप तेजी से 180°C-200°C तक बढ़ जाता है।


 प्रश्न 9- किसी उत्तल लेंस का आधा भाग काले कागज़ से ढक दिया गया है। क्या यह लेंस किसी बिंब का पूरा प्रतिबिंब बना पाएगा? अपने उत्तर की प्रयोग द्वारा जाँच कीजिए। अपने प्रेक्षणों की व्याख्या कीजिए।

 उत्तर- हाँ, किसी उत्तल लेंस का आधा भाग काले कागज़ से ढक देने पर भी उत्तल लेंस दिए गए बिंब का पूरा प्रतिबिंब बनाता है।

प्रायोगिक विधि द्वारा जाँच- सर्वप्रथम एक उत्तल लेंस लीजिए तथा इसके आधे भाग को काले कागज़ से ढक दीजिए। अब लेंस को किसी स्टैंड के सहारे दी गई आकृति के अनुसार रखिए। लेंस के एक तरफ़ जलती हुई मोमबत्ती तथा दूसरी तरफ़ एक सफेद पर्दा रखिए। हम पाते हैं कि पर्दे पर मोमबत्ती का पूरा उल्टा प्रतिबिंब बनता है।

Uttat lence tatha awtsl lence pratibimb, aarekh

प्रेक्षण-


  1. प्रतिबिंब की संरचना लेंस के आकार पर निर्भर नहीं करती है, एक छोटा लेंस भी वस्तु का पूर्ण प्रतिबिंब बना सकता है।
  2. परंतु प्रतिबिंब की चमक अपेक्षाकृत कम हो जाती है, क्योंकि लेंस से गुजरने वाली प्रकाश की किरणों की संख्या कम हो जाती है।


  प्रश्न 10. 5 cm लंबा कोई बिंब 10 cm फोकस दूरी के किसी अभिसारी लेंस से 25 cm दूरी पर रखा जाता है। प्रकाश किरण-आरेख खींचकर बनने वाले प्रतिबिंब की स्थिति, साइज़ तथा प्रकृति ज्ञात कीजिए।

 

उत्तर: किरण आरेख-

prakash prawertan tatha apwertan notes in hindi


दिया है -   

  • f = +10 cm       ( चूँकि लेंस अभिसारी (उत्तल लेंस ) है )
  • u = -25 cm
  • h = 5 cm


लेंस सूत्र द्वारा

1/f = 1/v - 1/u


1/v = 1/f + 1/u

1/v = 1/10 + 1/(-25) = (5 - 2)/50 = 3/50

v = 50/3 = 16.67 cm

प्रतिबिम्ब की स्थिति लेंस की दूसरी ओर 16.67 सेंटीमीटर पर F2 तथा 2F2  के बीच 


प्रतिबिम्ब की साइज़


m = v/u  = h’/h 

(50/3)/(-25) =  h’/5 

-2/3 =  h’/5 

h’ = -10/3 = -3.33 cm 

प्रतिबिंब का साइज़ छोटा है।

प्रतिबिंब की प्रकृति- वास्तविक तथा उल्टा।


  प्रश्न 11. 15 cm फोकस दूरी का कोई अवतल लेंस किसी बिंब का प्रतिबिंब लेंस से 10 cm दूरी पर बनाता है। बिंब लेंस से कितनी दूरी पर स्थित है? किरण आरेख खींचिए।


उत्तर-अवतल लेंस के लिए u तथा f ऋणात्मक है क्योंकि प्रतिबिंब आभासी होता है-

Focus duri, lence pratibimb, hand writti gnotes


f = -15 cm

v = -10 cm 


लेंस सूत्र द्वारा

1/v - 1/u = 1/f

1/(-10) - 1/u = 1/(-15)

1/(-10) + 1/15 = 1/u

1/u = 1/15 - 1/10 = (2 - 3)/30

1/u = -1/30

u = -30 cm

अत: बिम्ब (वस्तु) लेंस के सामने 30 सेमी की दूरी पर स्थित है, जिसे आकृति में दर्शाया गया है|


 प्रश्न 12. 15 cm फोकस दूरी के किसी उत्तल दर्पण में कोई बिंब 10 cm दूरी पर रखा है। प्रतिबिंब की स्थिति तथा प्रकृति ज्ञात कीजिए।

 

उत्तर-

  • f = +15 cm (उत्तल दर्पण की फोकस दूरी धनात्मक होती है )
  • u = -10 cm 


अत दर्पण सूत्र

1/f = 1/v + 1/u

1/15 = 1/v + 1/(-10)

1/15 + 1/10 = 1/v

1/v = (2 + 3)/30 = 5/30

v = 30/5 = +6 cm.

अतः प्रतिबिंब दर्पण के पीछे 6 cm की दूरी पर बनेगा तथा यह एक आभासी तथा सीधा प्रतिबिंब होगा।


 प्रश्न 13. एक समतल दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन +1 है। इसका क्या अर्थ हैं? 

 उत्तर- आवर्धन का धनात्मक (+) चिह्न का अर्थ यह है कि प्रतिबिंब आभासी है।

चूँकि आवर्धन, m = h2/h1 = +1 ; ∴h2 = h1

 m = +1 का अर्थ है कि प्रतिबिंब का आकार बिंब के आकार के समान है और बिंब से समान दूरी पर प्रतिबिंब दर्पण के पीछे बना है |


 प्रश्न 14. 5.0 cm लंबाई का कोई बिंब 30 cm वक्रता त्रिज्या के किसी उत्तल दर्पण के सामने 20 cm दूरी पर रखा गया है। प्रतिबिंब की स्थिति, प्रकृति तथा साइज़ ज्ञात कीजिए।

 उत्तर-

  • f = 15 cm (उत्तल दर्पण के लिए ‘f’  धनात्मक होता है )
  • f = +15 cm, u = -20 cm, h = 5.0 cm


दर्पण सूत्र द्वारा

1/v + 1/u = 1/f


1/v + 1/(-20) = 1/15

1/v = 1/15 + 1/20

1/v = 7/60

v = 60/7 cm = 8.6 cm

अतः प्रतिबिंब आभासी तथा सीधा और दर्पण के पीछे 8.6 cm की दूरी पर बनता है।

m = -v/u = -(60/7)/(-20) = 3/7

h’/h = 3/7 

h’/5 = 3/7

h’ = 15/7 = 2.2 cm

अतः प्रतिबिंब, बिंब से छोटे साइज़ का है


  प्रश्न 15. 7.0 cm साइज़ का कोई बिंब 18 cm फोकस दूरी के किसी अवतल दर्पण के सामने 27 cm दूरी पर रखा गया है। दर्पण से कितनी दूरी पर किसी परदे को रखें कि उस पर वस्तु का स्पष्ट फोकसित प्रतिबिंब प्राप्त किया जा सके। प्रतिबिंब का साइज़ तथा प्रकृति ज्ञात कीजिए।

उत्तर-

  • h = +7 cm
  • u = -27 cm
  • f = -38 cm (अवतल दर्पण)


दर्पण सूत्र द्वारा 

1/v + 1/u = 1/f

∴ 1/v + 1/(-27) = 1/(-18)

1/v = -1/18 + 1/27 = (-3+ 2)/54 = -1/54

v = -54 cm 

∴ m = -v/u = (-54)/(-27) = -2 

साथ ही                         

h’/h = m = h’/7 = -2 

h’ = -14 cm

प्रतिबिंब का साइज़ 14 cm है जो बिंब से आवर्धित (बड़ा) है।

प्रतिबिंब की प्रकृति- चूँकि v का मान ऋणात्मक है, इसलिए प्रतिबिंब वास्तविक तथा उल्टा है।


  प्रश्न 16. उस लेंस की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए जिसकी क्षमता -2.0D है। यह किस प्रकार का लेंस है?

उत्तर- लेंस की क्षमता

P = -2.0 D 

P = 1/f

∴ f = 1/P = 1/-2.0D = -0.5 m

चूँकि लेंस की क्षमता एवं फोकस दूरी के मान धनात्मक हैं अत: यह एक उत्तल लेंस (अभिसारी) लेंस है।


 प्रश्न 17. कोई डॉक्टर + 1.5D क्षमता का संशोधक लेंस निर्धारित करता है। लेंस की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए। क्या निर्धारित लेंस अभिसारी है अथवा अपसारी?

 उत्तर-

लेंस की क्षमता

P = +1.5D,  P = 1/f

लेंस की फोकस दूरी  

f = 1/P = 1/+1.5D =  +0.67 m 

चूँकि लेंस की क्षमता एवं फोकस दूरी के मान धनात्मक हैं अत: यह एक उत्तल लेंस (अभिसारी) लेंस है।


सम्बन्धित प्रश्न

 

प्रश्न-प्रकाश का परावर्तन क्या है कक्षा 10?

उत्तर- प्रकाश किरण का चिकने तल से टकराकर वापस उसी माध्यम में लौटना प्रकाश का परावर्तन कहलाता है।


प्रश्न- प्रकाश के परावर्तन तथा अपवर्तन से आप क्या समझते हैं?

उत्तर-

प्रकाश का परावर्तन- जब प्रकाश की  किरण किसी माध्यम से चलती हुई किसी चमकदार तल पर आपतित होती है तो वह तल से टकरा कर उसी माध्यम में वापस लौट आती है । प्रकाश किरण का उसी माध्यम में वापस लौटना प्रकाश का परावर्तन कहलाता है | 

 जैसे -प्रकाश का किसी दर्पण से टकराकर वापिस उसी माध्यम में वापस लौटना ।


प्रकाश का अपवर्तन- जब प्रकाश किरण किसी माध्यम से चलती हुई किसी चमकदार तल पर आपतित होती है तो वह तल से टकरा कर उसी माध्यम में वापस लौट आती है । यह प्रकाश का परावर्तन कहलाता है | 

प्रकाश के अपवर्तन के उदाहरण
  • स्विमिंग पूल का तल वास्तविक स्थिति से विस्थापित हुआ प्रतीत होता है 
  • पानी में आंशिक रूप से डूबी हुई पेंसिल वायु तथा पानी के अन्तरपृष्ठ पर टेढ़ी प्रतीत होती है 
  • काँच के गिलास में पड़े नीबू वास्तविक आकार से बड़े प्रतीत होते हैं 
  • कागज पर लिखे शब्द गिलास स्लैब से देखने पर ऊपर उठे हुए प्रतीत होते हैं 


प्रश्न-अपवर्तन क्या है उदाहरण?

उत्तर- 

प्रकाश का अपवर्तन- जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में तिरछा होकर जाता है तो दूसरे माध्यम में इसके संचरण की दिशा परिवर्तित हो जाती है । इस परिघटना को प्रकाश अपवर्तन कहते हैं ।

प्रकाश के अपवर्तन के उदाहरण
  • स्विमिंग पूल का तल वास्तविक स्थिति से विस्थापित हुआ प्रतीत होता है 
  • पानी में आंशिक रूप से डूबी हुई पेंसिल वायु तथा पानी के अन्तरपृष्ठ पर टेढ़ी प्रतीत होती है 
  • काँच के गिलास में पड़े नीबू वास्तविक आकार से बड़े प्रतीत होते हैं 
  • कागज पर लिखे शब्द गिलास स्लैब से देखने पर ऊपर उठे हुए प्रतीत होते हैं 


प्रश्न-प्रकाश का परावर्तन क्या है परावर्तन के नियमों का उल्लेख कीजिए दीर्घ उत्तरीय प्रश्न?

उत्तर- 

प्रकाश का परावर्तन- जब प्रकाश किरण किसी माध्यम से चलती हुई किसी चमकदार तल पर आपतित होती है तो वह तल से टकरा कर उसी माध्यम में वापस लौट आती है । यह प्रकाश का परावर्तन कहलाता है

प्रकाश  परावर्तन के नियम-

प्रकाश के परावर्तन के दो नियम हैं 

 प्रथम नियम - आपतित किरण,  परावर्तित किरण एवं तल के अभिलंब के बीच बना कोण बराबर होते हैं अर्थात्

आपतन कोण < i = परावर्तन कोण < r 

द्वितीय नियम - आपतित किरण , अभिलंब तथा परावर्तित किरण सभी एक ही तल में होते हैं । इस प्रकार के तल को आपतन तल कहते हैं ।

Class 10 science chapter 10 prakas prawartqn tatha apwertan


प्रश्न-अपवर्तन के नियम क्या है?

उत्तर-

प्रकाश अपवर्तन के नियम- प्रकाश अपवर्तन के दो नियम है-

  1. आपतित किरण अपवर्तित किरण तथा दोनों माध्यमों को पृथक करने वाले पृष्ठ के आपतन बिंदु पर अभिलंब सभी एक ही तल में होते हैं । 
  2. प्रकाश के किसी निश्चित रंग तथा निश्चित माध्यमों के युग्म के लिए आपतन कोण की ज्या ( sine ) तथा अपवर्तन कोण की ज्या ( sine ) का अनुपात स्थिर होता है । इस नियम को स्नेल का अपवर्तन का नियम भी कहते हैं ।


प्रश्न-अपवर्तन और परावर्तन में क्या अंतर है?

उत्तर- 

अपवर्तन और परावर्तन में अंतर

 प्रकाश का अपवर्तन 

 प्रकाश का परावर्तन 

 जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाता है तो दूसरे माध्यम में प्रकाश के संचरण की दिशा परिवर्तित हो जाती है 

 प्रकाश किरण का उसी माध्यम में वापस लौट जाती है 


प्रश्न-प्रकाश के परावर्तन की परिभाषा क्या है?

उत्तर प्रकाश का परावर्तन -जब प्रकाश किरण किसी माध्यम से चलती हुई किसी चमकदार तल पर आपतित होती है तो वह तल से टकरा कर उसी माध्यम में वापस लौट आती है । यह प्रकाश का परावर्तन कहलाता है


प्रश्न-अपवर्तन की सबसे अच्छी परिभाषा क्या है?

उत्तर-  प्रकाश का अपवर्तन- जब प्रकाश किरण किसी माध्यम से चलती हुई किसी चमकदार तल पर आपतित होती है तो वह तल से टकरा कर उसी माध्यम में वापस लौट आती है । यह प्रकाश का परावर्तन कहलाता है | 


 प्रश्न- निम्न को परिभाषित कीजिये 

  1. वक्रता केंद्र 
  2. मुख्य अक्ष   
  3. प्रकाशिक केंद्र  
  4. द्वारक   
  5. पतले लेंस   
  6. लेंस का मुख्य फोकस  
  7. अवतल लेंस का मुख्य फोकस   
  8. फोकस दूरी 
  9. अवतल दर्पण 
  10. उत्तल दर्पण 
  11. प्रतिबिंब के प्रकार  
  12. वास्तविक प्रतिबिंब  
  13. आभासी प्रतिबिंब 

 

उत्तर-

वक्रता केंद्र- किसी लेंस में चाहे वह उत्तल हो अथवा अवतल , दो गोलीय पृष्ठ होते हैं । इनमें से प्रत्येक पृष्ठ एक गोले का भाग होता है । इन गोलों के केंद्र लेंस के वक्रता केंद्र कहलाते हैं । लेंस का वक्रता केंद्र प्रायः अक्षर C द्वारा निरूपित किया जाता है ।

मुख्य अक्ष- किसी लेंस के दोनों वक्रता केंद्रों से गुजरने वाली एक काल्पनिक सीधी रेखा लेंस की मुख्य अक्ष कहलाती है । 

प्रकाशिक केंद्र- लेंस का केंद्रीय बिंदु इसका प्रकाशिक केंद्र कहलाता है । इसे प्रायः अक्षर O से निरूपित करते हैं । लेंस के प्रकाशिक केंद्र से गुजरने वाली प्रकाश किरण बिना किसी विचलन के निर्गत होती है । 

द्वारक - गोलीय लेंस की वृत्ताकार रूपरेखा का प्रभावी व्यास इसका द्वारक कहलाता है । 

 पतले लेंस - जिनका द्वारक इनकी वक्रता त्रिज्या से बहुत छोटा है और दोनों वक्रता केंद्र प्रकाशिक केंद्र से समान दूरी पर होते हैं । ऐसे लेंस छोटे द्वारक के पतले लेंस कहलाते हैं ।

 लेंस का मुख्य फोकस - उत्तल लेंस पर मुख्य अक्ष के समांतर प्रकाश की बहुत सी किरणें आपतित हैं । ये किरणें लेंस से अपवर्तन के पश्चात मुख्य अक्ष पर एक बिंदु पर अभिसरित हो जाती हैं । मुख्य अक्ष पर यह बिंदु लेंस का मुख्य फोकस कहलाता है । 

 अवतल लेंस का मुख्य फोकस - अवतल लेंस पर मुख्य अक्ष के समांतर प्रकाश की अनेक किरणें आपतित होती है । ये किरणें लेंस से अपवर्तन के पश्चात मुख्य अक्ष के एक बिंदु से अपसरित होती प्रतीत होती हैं । मुख्य अक्ष पर यह बिंदु अवतल लेंस का मुख्य फोकस कहलाता है ।


 फोकस दूरी - किसी लेंस के मुख्य फोकस की प्रकाशिक केंद्र से दूरी फोकस दूरी कहलाती है । फोकस दूरी को अक्षर ‘ f ‘ द्वारा निरूपित किया जाता है ।


अवतल दर्पण - वह गोलीय दर्पण जिसका परावर्तक पृष्ठ अंदर की ओर अर्थात गोले के केंद्र की ओर वक्रित है , वह अवतल दर्पण कहलाता है । 


उत्तल दर्पण - वह गोलीय दर्पण जिसका परावर्तक पृष्ठ बाहर की ओर वक्रित है , उत्तल दर्पण कहलाता है । 

प्रतिबिंब - प्रतिबिंब वहाँ बनता है जिस बिंदु पर कम से दो परावर्तित किरणें प्रतिच्छेदित होती हैं या प्रतिच्छेदित प्रतीत होती हैं 

प्रतिबिंब के प्रकार -

प्रतिबिम्ब की प्रकृति दो प्रकार का होता है

  • वास्तविक प्रतिबिंब 
  • आभासी प्रतिबिंब

वास्तविक प्रतिबिंब -

  • यह तब बनता है जब प्रकाश की किरणें वास्तव में प्रतिच्छेदित होती हैं । 
  • इसे परदे पर प्राप्त कर सकते हैं 
  • वास्तविक प्रतिबिंब उल्टा बनता है 

आभासी प्रतिबिंब -

  • यह तब बनता है जब प्रकाश की किरणें प्रतिच्छेदित होती प्रतीत होती हैं ।
  • इसे परदे पर प्राप्त नहीं कर सकते  
  • आभासी प्रतिबिंब सीधा बनता है 

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